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ॐ जय जगदीश हरे आरती | विष्णु भगवान की आरती | Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे आरती | विष्णु भगवान की आरती | Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे भगवान विष्णु और जगदीश जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिपूर्ण आरती है। इस आरती में भगवान को पालनकर्ता, परमात्मा, अंतर्यामी और करुणा के सागर के रूप में स्मरण किया गया है। भक्त श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ ॐ जय जगदीश हरे आरती का गायन करते हैं।

इस लेख में आप जगदीश जी की आरती हिंदी में पूरी पढ़ सकते हैं। साथ ही यहां आरती का महत्व, भगवान विष्णु की पूजा विधि, विष्णु मंत्र और आरती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

भगवान विष्णु की आरती कैसे करें?

भक्त अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा करके आरती कर सकते हैं। पूजा के समय स्वच्छता, श्रद्धा और एकाग्रता का ध्यान रखना अच्छा माना जाता है।

  1. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थान को स्वच्छ करें और भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा रखें।
  3. भगवान के सामने दीपक और धूप जलाएं।
  4. पुष्प, तुलसी दल और अपनी परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री अर्पित करें।
  5. फल या सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें।
  6. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
  7. श्रद्धा और भक्तिभाव से ॐ जय जगदीश हरे आरती गाएं।
  8. अंत में भगवान विष्णु से परिवार और सभी प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना करें।

भगवान विष्णु का प्रसिद्ध मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भगवान विष्णु की उपासना में प्रचलित मंत्रों में से एक है। भक्त अपनी श्रद्धा और धार्मिक परंपरा के अनुसार इसका जाप कर सकते हैं।

भगवान विष्णु की पूजा में क्या चढ़ाएं?

भगवान विष्णु की पूजा में भक्त अपनी परंपरा और श्रद्धा के अनुसार विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित करते हैं।

  • तुलसी दल
  • पीले पुष्प
  • धूप और दीप
  • फल
  • सात्त्विक नैवेद्य
  • अक्षत
  • जल

ॐ जय जगदीश हरे आरती कब करनी चाहिए?

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु की पूजा के बाद श्रद्धा से की जा सकती है। भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार नियमित पूजा, विशेष पर्व और अन्य शुभ अवसरों पर इस आरती का गायन करते हैं।

गुरुवार और भगवान विष्णु से जुड़े धार्मिक अवसरों पर भी भक्त विशेष पूजा और आरती करते हैं। आरती का समय परिवार की पूजा परंपरा और सुविधा के अनुसार रखा जा सकता है।

🙏 ॐ जय जगदीश हरे 🙏
भगवान विष्णु सभी भक्तों को सुख, शांति, सद्बुद्धि और भक्ति प्रदान करें।

ॐ जय जगदीश हरे आरती का महत्व

हिंदू धार्मिक परंपरा में भगवान विष्णु को जगत के पालनकर्ता के रूप में पूजा जाता है। भक्त भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण करते हुए पूजा, मंत्र जाप और आरती करते हैं।

ॐ जय जगदीश हरे आरती में भक्त भगवान से अपने जीवन के दुःख और कठिनाइयों में मार्गदर्शन, सद्बुद्धि और भक्ति की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार आरती और भक्ति का उद्देश्य मन को ईश्वर के स्मरण और सकारात्मक चिंतन में लगाना है।

🙏 ॥ ॐ जय जगदीश हरे आरती ॥ 🙏

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, सुख सम्पत्ति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, तुम बिन और न दूजा,
आस करूँ मैं जिसकी॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सबके स्वामी॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, मैं सेवक तुम स्वामी,
कृपा करो भर्ता॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, किस विधि मिलूँ दयामय,
तुमको मैं कुमति॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

दीनबन्धु दुःखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, अपने हाथ उठाओ,
द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥

ॐ जय जगदीश हरे॥

🙏 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🙏

🌺 ॐ जय जगदीश हरे 🌺

विष्णु पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • पूजा स्थान को स्वच्छ रखें।
  • पूजा के समय मन को शांत और एकाग्र रखें।
  • भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए आरती गाएं।
  • अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री का उपयोग करें।
  • सत्य, सेवा और सदाचार को जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
  • जरूरतमंदों की अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. ॐ जय जगदीश हरे क्या है?

ॐ जय जगदीश हरे भगवान विष्णु और जगदीश जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिपूर्ण आरती है। इसमें भक्त भगवान से शरण, भक्ति और सद्बुद्धि की प्रार्थना करते हैं।

2. ॐ जय जगदीश हरे आरती कब करनी चाहिए?

यह आरती भगवान विष्णु की पूजा के बाद श्रद्धा से की जा सकती है। भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार नियमित पूजा और विशेष धार्मिक अवसरों पर इसका गायन करते हैं।

3. भगवान विष्णु का प्रसिद्ध मंत्र कौन सा है?

भगवान विष्णु की उपासना में प्रसिद्ध मंत्र है: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

4. भगवान विष्णु की पूजा में क्या चढ़ाया जाता है?

भक्त अपनी परंपरा के अनुसार तुलसी दल, पुष्प, धूप, दीप, फल और सात्त्विक नैवेद्य आदि अर्पित करते हैं।

5. क्या ॐ जय जगदीश हरे आरती रोज कर सकते हैं?

हां, भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार इस आरती का नियमित रूप से गायन कर सकते हैं। पूजा के दौरान मन को ईश्वर के स्मरण और सकारात्मक चिंतन में लगाने का प्रयास करना चाहिए।

निष्कर्ष

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। इस आरती में भक्त भगवान को अपना पालनकर्ता और परम आश्रय मानकर सुख, शांति, सद्बुद्धि और भक्ति की प्रार्थना करते हैं।

भगवान विष्णु की आराधना के साथ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप, आरती और अच्छे कर्मों को जीवन में अपनाने का प्रयास भक्तिमय जीवन की सुंदर परंपरा मानी जाती है।

🌺 ॐ जय जगदीश हरे! 🌺

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।


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