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हनुमान जी की आरती | आरती कीजै हनुमान लला की | Hanuman Aarti

हनुमान जी की आरती | आरती कीजै हनुमान लला की | Hanuman Aarti

हनुमान जी की आरती भगवान श्री हनुमान को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिपूर्ण आरती है। हनुमान जी को बजरंगबली, पवनपुत्र, अंजनी पुत्र और संकटमोचन जैसे नामों से भी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। भक्त मंगलवार और शनिवार सहित अन्य दिनों में भी श्रद्धा से आरती कीजै हनुमान लला की गाते हैं।

इस लेख में आप हनुमान जी की आरती हिंदी में पूरी पढ़ सकते हैं। साथ ही यहां हनुमान आरती का महत्व, पूजा विधि, हनुमान मंत्र, मंगलवार की पूजा और आरती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

हनुमान जी की आरती कैसे करें?

भक्त अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार हनुमान जी की पूजा करके आरती कर सकते हैं। पूजा के समय स्वच्छता, श्रद्धा और एकाग्रता का ध्यान रखना अच्छा माना जाता है।

  1. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थान को साफ करके हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  3. हनुमान जी के सामने दीपक और धूप जलाएं।
  4. लाल पुष्प और अपनी परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री अर्पित करें।
  5. हनुमान जी का ध्यान करते हुए श्रीराम का स्मरण करें।
  6. अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान मंत्र का जाप करें।
  7. इसके बाद श्रद्धा और भक्तिभाव से हनुमान जी की आरती गाएं।
  8. अंत में श्रीराम और हनुमान जी से परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।

हनुमान जी का प्रसिद्ध मंत्र

ॐ हनुमते नमः।

ॐ हनुमते नमः हनुमान जी की उपासना में प्रचलित मंत्रों में से एक है। भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार इसका जाप कर सकते हैं।

मंगलवार को हनुमान पूजा का महत्व

हिंदू धार्मिक परंपरा में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन भक्त हनुमान मंदिर जाते हैं, पूजा करते हैं, हनुमान चालीसा या अन्य स्तुति का पाठ करते हैं और हनुमान जी की आरती गाते हैं।

हनुमान जी की पूजा में श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति और सेवा भावना को याद करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्त इस अवसर पर अपने जीवन में साहस, संयम और सद्बुद्धि अपनाने का संकल्प ले सकते हैं।

हनुमान जी की पूजा में क्या चढ़ाएं?

हनुमान जी की पूजा में भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित करते हैं।

  • लाल पुष्प
  • सिंदूर
  • चमेली का तेल
  • धूप और दीप
  • फल
  • सात्त्विक प्रसाद

हनुमान जी की आरती कब करनी चाहिए?

हनुमान जी की आरती पूजा के बाद श्रद्धा से की जा सकती है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान उपासना के लिए विशेष दिन माना जाता है। इसके अलावा भक्त अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार अन्य दिनों में भी हनुमान जी की पूजा और आरती कर सकते हैं।

🚩 जय श्री राम 🚩
🚩 जय बजरंगबली 🚩
पवनपुत्र हनुमान सभी भक्तों को साहस, भक्ति, सद्बुद्धि और सकारात्मकता प्रदान करें।

हनुमान जी की आरती का महत्व

हिंदू धार्मिक परंपरा में भगवान हनुमान को श्रीराम के परम भक्त के रूप में पूजा जाता है। हनुमान जी की भक्ति, साहस, सेवा, विनम्रता और समर्पण को आदर्श माना जाता है। भक्त श्रद्धा के साथ उनकी पूजा और आरती करते हैं।

हनुमान आरती के माध्यम से भक्त बजरंगबली का स्मरण करते हैं और अपने जीवन में साहस, संयम, भक्ति तथा सद्बुद्धि की भावना को मजबूत करने की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी की आराधना संकट के समय मन को संबल देने वाली मानी जाती है।

🚩 ॥ श्री हनुमान जी की आरती ॥ 🚩

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

जाके बल से गिरिवर काँपे।
रोग दोष जाके निकट न झाँके॥

अंजनि पुत्र महाबलदाई।
संतन के प्रभु सदा सहाई॥

दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारि सिया सुधि लाए॥

लंका सो कोट समुद्र सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई॥

लंका जारि असुर संहारे।
सियाराम जी के काज सँवारे॥

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आनि संजीवन प्राण उबारे॥

पैठि पाताल तोरि जमकारे।
अहिरावण की भुजा उखाड़े॥

बाएँ भुजा असुर दल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे॥

सुर नर मुनि जन आरती उतारें।
जय जय जय हनुमान उचारें॥

कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई॥

जो हनुमान जी की आरती गावै।
बसि बैकुंठ परम पद पावै॥

लंक विध्वंस किए रघुराई।
तुलसीदास प्रभु कीर्ति गाई॥

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

🚩 जय हनुमान ज्ञान गुण सागर 🚩

🙏 जय श्री राम 🙏

हनुमान आरती करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • पूजा स्थान को स्वच्छ रखें।
  • आरती के समय मन को शांत और एकाग्र रखें।
  • हनुमान जी के साथ श्रीराम का स्मरण करें।
  • आरती श्रद्धा और भक्तिभाव से गाएं।
  • अच्छे कर्म और सेवा भावना को जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
  • जरूरतमंद लोगों की अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. हनुमान जी की प्रसिद्ध आरती कौन सी है?

आरती कीजै हनुमान लला की हनुमान जी की प्रसिद्ध आरतियों में से एक है। भक्त इसे श्रद्धा और भक्तिभाव से गाते हैं।

2. हनुमान जी की आरती कब करनी चाहिए?

हनुमान जी की आरती पूजा के बाद की जा सकती है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान उपासना के लिए विशेष माना जाता है।

3. हनुमान जी का प्रसिद्ध मंत्र कौन सा है?

हनुमान जी की उपासना में प्रचलित मंत्र है: ॐ हनुमते नमः।

4. हनुमान जी की पूजा में क्या चढ़ाया जाता है?

भक्त अपनी परंपरा के अनुसार लाल पुष्प, सिंदूर, चमेली का तेल, धूप, दीप, फल और सात्त्विक प्रसाद आदि अर्पित करते हैं।

5. क्या हनुमान जी की आरती रोज कर सकते हैं?

हां, भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार हनुमान जी की आरती नियमित रूप से कर सकते हैं। पूजा के दौरान मन को भक्ति और सकारात्मक विचारों में लगाने का प्रयास करना चाहिए।

निष्कर्ष

हनुमान जी की आरती भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। आरती कीजै हनुमान लला की का भक्तिभाव से गायन करते हुए भक्त बजरंगबली का स्मरण करते हैं और जीवन में साहस, सेवा, संयम तथा सद्बुद्धि की भावना को अपनाने की प्रेरणा लेते हैं।

भगवान हनुमान श्रीराम के परम भक्त माने जाते हैं। इसलिए हनुमान जी की आराधना के साथ श्रीराम का स्मरण करना भी भक्तिमय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

🚩 जय बजरंगबली! 🚩

जय श्री राम।


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